JNVST: जवाहर नवोदय विद्यालय भाषा परीक्षण 2024 भाग – 05

चे भाषा परीक्षण के लिए एक अनुच्छेद दिया गया है ऐसे अनुच्छेद जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में पूछे जाते हैं, जवाहर नवोदय विद्यालय कक्षा छठवीं की परीक्षा अब कुछ ही दिन शेष रह गया है। अब यदि कोई विद्यार्थी इस अनुच्छेद के नीचे दी गई सभी 5 प्रश्नों का सही उत्तर बना लेता है तो उसकी भाषा क्षमता परीक्षण की तैयारी अच्छी मानी जाएगी।
चयन परीक्ष के इस भाग का विशेष महत्व होता है। क्योंकि इस भाग से परीक्षा का एक चौथाई अंक अर्थात 25 प्रतिशत अंक निर्धारित होता है। जिसके लिए गद्यांशों पर आधारित 20 प्रश्नों के लिए 4 अनुच्छेद दिए जाते हैं। जिसमें समझ, चेतना, विचार, व्याकरण आदि पर आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। यहाँ ऐसे ही एक अनुच्छेद दिया जा रहा है। आशा है बच्चों की तैयारी में मदद मिल सके।
आप इस अनुच्छेद को ध्यानपूर्वक पढ़कर नीचे दिए गए सभी प्रश्नों का सही-सही उत्तर देने का प्रयास करें यदि आप सफल हो जाते हैं तो निश्चित ही आपकी तैयारी बहुत ही अच्छी है आप ऐसे ही प्रयास करने के लिए हमारे इस वेबसाइट पर और भी अधिक मटेरियल प्राप्त कर सकते हैं।

यादि आप इस सीरीज के पिछले “भाग एक” तथा “भाग 2” के प्रश्न का भी प्रैक्टिस करना चाहते हैं, तो यहाँ क्लिक करें.

गद्यांश- 05

ऋषि चरक आयुर्वेद के प्रसिद्ध आचार्य थे। वे कुषाण राज्य के राजवैद्य भी थे। उन्होंने आयुर्वेद के मूल ग्रन्थों को संकलित और संशोधित किया। उनका रचित चरक संहिता आज भी आयुर्वेद का मानक ग्रन्थ माना जाता है। इस ग्रंथ में रोगों के कारण, लक्षण, निदान और चिकित्सा का विस्तृत वर्णन है। इसमें रोगनाशक और रोगनिरोधक दवाओं के साथ-साथ सोना, चाँदी, लोहा, पारा धातुओं के भस्म और उनके उपयोग का भी जिक्र है। इसमें भोजन, स्वच्छता, रोगों से बचने के उपाय, चिकित्सा-शिक्षा, वैद्य, धाय और रोगी के विषय में भी विशद चर्चा की गयी है। चरक ने आयुर्वेद को मुक्तिदाता और आरोग्यता को महान सुख की संज्ञा दी है। उन्हें आयुर्वेद के पिता और भारतीय चिकित्सा के महान आचार्य के रूप में याद किया जाता है।

  • ऋषि चरक कुषाण राज्य के ………. थे।
    (A) आचार्य
    (B) आयुर्वेद
    (C) ऋषि
    (D) राजवैद्य
  • अनुच्छेद में ……….. धातु के भस्म का जिक्र नहीं है।
    (A) सोना
    (B) तांबा
    (C) चाँदी
    (D) लोहा
  • चरक ने आयुर्वेद को ………. शब्द से संबोधित किया है।
    (A) मुक्तिदाता
    (B) जीवनदाता
    (C) शान्तिदाता
    (D) आनंददाता
  • चरक ने आरोग्यता को ………. की संज्ञा दी है।
    (A) महान सुख
    (B) महान शक्ति
    (C) महान धन
    (D) महान गौरव
  • अनुच्छेद में दिए गए शब्दों में से कौन सा शब्द विशेषण है?
    (A) ऋषि
    (B) प्रसिद्ध
    (C) आयुर्वेद
    (D) आचार्य

Passage – 05

Rishi Charak was a famous acharya of Ayurveda. He was also the royal physician of the Kushan kingdom. He compiled and revised the original texts of Ayurveda. Charak Samhita written by him is still considered the standard text of Ayurveda. This book contains a detailed description of the causes, symptoms, diagnosis and treatment of diseases. It also mentions curative and prophylactic medicines as well as the ashes of gold, silver, iron and mercury metals and their uses. In this, there has been a detailed discussion about food, cleanliness, ways to prevent diseases, medical education, doctors, nurses and patients. Charak has described Ayurveda as a liberator and health as a great happiness. He is remembered as the father of Ayurveda and a great master of Indian medicine.

Sage Charak was………… of Kushan kingdom.
(A) Acharya
(B) Ayurveda
(C) Rishi
(D) Rajvaidya

There is no mention of ashes of which metal in the paragraph.
(A) gold
(B) Copper
(C) Silver
(D) Iron

Charak has addressed Ayurveda with the word………….
(A) Liberator
(B) Life giver
(C) Peace giver
(D) giver of pleasure

Charak has termed health as………….
(A) great happiness
(B) great power
(C) great wealth
(D) great pride

Which of the words given in the paragraph is an adjective?
(A) Rishi
(B) Famous
(C) Ayurveda
(D) Acharya

ANSWER :
(1) D
(2) c
(3) a
(4) A
(5) B

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