NAVODAYA HINDI PASSAGE CLASS 6 | ARTICLE- 01 | अनुच्छेद – 01 | BY GAVEL SIR

मानव के जन्म से मृत्यु तक वृक्ष उसका साथी है | वृक्ष हमे नैतिकता एवं परोपकार का भी संदेश देते है | आज का भौतिकतावादी मानव अपनी सुख सुविधाओं के लिए वृक्षों की अंधाधुंध कटाई कर रहा है | इससे पृथ्वी के वनक्षेत्र के प्रतिशत में कमी आ गयी | वैज्ञानिक आकंडे बताते है कि पर्यावरण संतुलन के लिए पृथ्वी के भूभाग का 33 प्रतिशत वन होना चाहिए | वृक्षों की कमी, मानव में जनसंख्या वृद्धि , फैक्ट्रियो एवं वाहनों से निकलने वाले धुएं एवं आणविक परीक्षण हमारे पर्यावरण को दिनोदिन प्रदूषित करते जा रहे है | इसके फलस्वरूप पृथ्वी पर वर्षा की कमी आ गयी है | मनुष्य की आयु घट रही है | पृथ्वी का तापक्रम बढ़ रहा है और सबसे खतरे की बात तो यह है कि हमारी सुरक्षा कवच ओजोन परत में छिद्र होने जा रहा है | ये सब मानव जाति के अस्तित्व के लिए खतरे की घंटी है |

Question 1.
संतुलित पर्यावरण के लिए किसी क्षेत्र में वन होना चाहिए-
(A) एक तिहाई
(B) दो तिहाई
(C) एक चौथाई
(D) तीन चौथाई

Answer

Answer:(A)


Question 2.
वृक्ष परोपकार का संदेश देता है-
(A) फल देकर
(B) शुद्ध हवा देकर
(C) छाया देकर
(D) सभी

Answer

Answer:(D)


Question 3.
ओजोन परत कहाँ होती है-
(A) वायुमंडल में
(B) वृक्षों पर
(C) धरती में
(D) समुद्र में

Answer

Answer:(A)


Question 4.
वाहनों के धुएं से होता है-
(A) पर्यावरण प्रदूषण
(B) जनसंख्या वृद्धि
(C) जल प्रदूषण
(D) मृदा प्रदूषण

Answer

Answer:(A)


Question 5.
“खतरे की घंटी” का अर्थ है-
(A) घंटी बजने पर खतरा होना
(B) घंटी बजाना
(C) किसी अनहोनी का पूर्व सूचना
(D) खतरा होने पर घंटी बजाना

Answer

Answer:(C)