नवोदय परीक्षा पेपर सरल, मध्यम या कठिन, आपकी रणनीति क्या होना चाहिए ?

जवाहर नवोदय विद्यालय 6th में प्रवेश प्राप्त करने के लिए आपको 20 जनवरी 2024 को आयोजित होने वाली एक चयन परीक्षा से गुजरना है। इस परीक्षा में चयनित होकर प्रवेश पाने के लिए आपने साधारण, मध्यम या भरपूर तैयारी की होगी। हम इस लेख में आपकी तैयारी का स्तर (साधारण, मध्यम या भरपूर) तथा परीक्षा पेपर का स्तर (सरल, मध्यम या कठिन) होने की स्थिति में आपकी रणनीति क्या होने चाहिए इस बारे में बात करेंगे।

इस परीक्षा में बैठने वाले सभी बच्चों को हमने उनके तैयारी के अनुसार तीन स्तर पर रखा है। आप इन तीन स्तरों में से कोई भी हो सकते हैं। आप अपने तैयारी की स्तर के आधार पर परीक्षा पेपर की स्तर के अनुसार अपनी रणनीति तैयार करेंगे। बच्चों की तैयारी के अनुसार तीन स्तर निम्नानुसार है-

साधारण तैयारी करने वाले बच्चे :-

ये वे बच्चे हैं जो विशेष रूप से परीक्षा की तैयारी नहीं करते, ये फार्म भरे होते हैं, कभी-कभी तैयारी में लग जाते हैं तथा परीक्षा नजदीक आने पर कुछ तैयारी करने लगते हैं। इन बच्चों को परीक्षा का तनाव कम होता है।

मध्यम तैयारी करने वाले बच्चे :-

इस स्तर के बच्चे परीक्षा की तैयारी में अपना पूरा समय देते हैं, साल भर घर पर ही उपलब्ध संसाधनों के द्वारा तैयारी करते हैं। तैयारी में घर के सदस्यों द्वारा सहयोग प्रदान किया जाता है। कोई कोचिंग क्लासेज या ट्यूशन टीचर का उपयोग नहीं करते है। इन बच्चे को परीक्षा का तनाव होता है।

भरपूर तैयारी करने वाले बच्चे :-

इस स्तर के बच्चे ऐसे संस्थान में पढ़ाई करते है जहाँ स्कूल शिक्षा के साथ-साथ नवोदय की तैयारी भी कराते हैं। इन्हें संस्था द्वारा अतिरिक्त संसाधनों के साथ विशेष तैयारी कराया जाता है साथ ही घर के सदस्यों द्वारा भी विशेष सहयोग प्रदान किया जाता है। कोई कोचिंग क्लासेज, ट्यूशन टीचर या हास्टल का उपयोग करते है। इन बच्चों को परीक्षा का तनाव सबसे अधिक होता है।

अब बात करेंगे इन तीनों स्तर पर तैयारी करने वाले बच्चों की क्या रणनीति होने चाहिए यदि 20 जनवरी का पेपर सरल, मध्यम या कठिन आए तो। तो चलिए एक-एक पर आलग-अलग विचार करते हैं-

सरल प्रश्न पेपर होने पर रणनीति :-

यदि प्रश्न पेपर बहुत ही सरल आ जाए, जैसे 2021 में आया था। ऐसी स्थिति में तीनों स्तर के बच्चों के बीच कम्पटीशन होता है और कट-ऑफ बहुत ऊपर चला जाता है। इसमें मध्यम स्तर एवं भरपूर स्तर पर तैयारी करने वाले बच्चे अधिक सरल प्रश्न देखकर उतावले हो जाते हैं । परीक्षा को गंभीरता से नहीं लेते, जल्दीबाजी में सरल प्रश्नों को भी गलत कर जाते हैं। वहीं साधारण स्तर पर तैयारी करने वाले बच्चे गंभीरता पूर्वक परीक्षा देते हैं और अधिकांश प्रश्न सही करते हैं। यदि आप अच्छे से तैयारी किए हैं तो भी सरल से सरल प्रश्न पेपर आने पर भी जलदबाजी न करें गंभीर होकर सभी प्रश्न सही-सही हल करके ही उत्तर भरें।

मध्यम प्रश्न पेपर होने पर रणनीति :-

मध्यम स्तर के प्रश्न पेपर होने पर होने की स्थिति में ज्यादा कम्पटीशन दूसरे एवं तीसरे स्तर के बच्चों के बीच होता है। यहाँ भी भरपूर स्तर पर तैयारी करने वाले बच्चे कुछ सरल प्रश्नों को देखकर जल्दीबाजी में गलत कर बैठते हैं। वहीं मध्यम स्तर पर तैयारी करने वाले बच्चे गंभीरता पूर्वक परीक्षा देते हैं और अधिकांश प्रश्न सही करते हैं। यदि आप अच्छे से तैयारी किए हैं तो सरल प्रश्नों पर कोई भी जल्दबाजी न करें गंभीर होकर सभी प्रश्नों को सही-सही हल करके ही उत्तर भरें।

कठिन प्रश्न पेपर होने पर रणनीति :-

यदि परीक्षा पेपर कठिन स्तर का हो, तो मध्यम स्तर पर तैयारी करने वाले बच्चे गंभीरता से पेपर हल करें। कठिन प्रश्नों में ज्यादा समय व्यतीत न करते हुए अपने स्तर के सभी प्रश्नों को सही-सही हल करके कठिन प्रश्नों के लिए समय बचाएं तथा जो हल हो सके ऐसे प्रश्नों को समय देकर हल करें। शेष प्रश्न जिसे आप बिल्कुल ही हल नहीं कर पा रहे हैं उन सभी प्रश्नों के लिए कोई एक आप्शन को चयन करके सभी में एक ही आप्शन का तुक्का लगाने से औसत अंक अधिक प्राप्त होते हैं। (यहाँ तुक्का लगाने की नियम हमारी अपनी राय है, आपको जो ठीक लगे वही अपनाएँ।)

सारांश :-

उपर्युक्तानुसार इस परीक्षा में सलेक्शन प्राप्त करने वाले बच्चे तथा सलेक्शन नहीं हो पाने वाले बच्चों के बीच केवल 2 से 3 प्रश्नों का अंतर होता है। आप सही रणनीति अपनाकर 2 से 3 प्रश्न अधिक सही कर सकते है और सलेक्शन पा सकते हैं। अन्त में मुख्य बात “प्रश्न कितने भी सरल क्यों न हो, जल्दबाजी में उत्तर भरकर गलत न करें। तनाव मुक्त होकर गंभीरता से परीक्षा दें।”

आप परीक्षा में सफलता प्राप्त करें…
अग्रिम शुभकामनाओं के साथ।

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